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Virat Kohli की कप्तानी में टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में 31 रन से हार गया. 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. कप्तान विराट कोहली के अलावा कोई बल्लेबाज नहीं चल सका. इंग्लैंड की स्विंग करती पिच के सामने सभी भारतीय बल्लेबाज फ्लॉप साबित हुए.

टीम इंडिया से सिर्फ विराट कोहली ने ही शानदार परफॉर्म किया. पहली इनिंग में उन्होंने 149 रन की पारी खेली और दूसरी इनिंग में 51 रन ठोके. मैच के बाद कुछ ऐसा हुआ जिसने इंडियन फैन्स को काफी नाराज कर दिया. मैच खत्म होने के बाद कुछ इंग्लिश फैन्स ने भारतीय को रोककर पूछा- 'कहां है अब तुम्हारा कोहली.' इंडियन फैन्स को इंग्लैंड फैन्स की ये हरकत पसंद नहीं आई

बता दें, मैच के दौरान विराट कोहली ने जो रूट को रन आउट करने के बाद माइक ड्रॉप का सिगनल किया था. जैसे जो रूट ने वनडे सीरीज जीतने के बाद किया था. विराट हर मैच की तरह इस मैच में भी काफी एग्रेसिव थे और हर विकेट का दिल खोलकर जश्न मना रहे थे. जैसे ही टीम इंडिया मैच हारा तो इंग्लिश फैन्स ने कोई कसर नहीं छोड़ी और भारतीय फैन्स का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया. इंग्लैंड अपने घर में खेल रही है ऐसे में उनको पिच कंडीशन्स का फायदा मिल रहा है और पहले टेस्ट में टीम इंडिया के बल्लेबाजे स्ट्रगल करते दिखे. 


वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ विदेशी फैन्स भारतीयों के सामने हुटिंग कर रहे हैं और विराट कोहली के बारे में सवाल कर रहे हैं. दूसरा टेस्ट 9 अगस्त को लॉर्ड्स में खेला जाएगा. जहां टीम इंडिया का पूरा फोकस टेस्ट सीरीज में वापसी करने पर होगा. बता दें, टीम इंडिया ने 3 मैचों की टी-20 सीरीज जीतने के बाद 3 मैचों की वनडे सीरीज हारी है. टेस्ट सीरीज जीतकर वो इंग्लैंड में इतिहास रचना चाहेगी. 
घटना यूपी के हमीरपुर के राठ इलाके की है। इलाके में स्थित एक मंदिर में बीजेपी महिला विधायक मनीषा अनुरागी के प्रवेश के बाद मंदिर को गंगाजल से धुलवाया गया। मंदिर की मूर्तियों को शुद्ध करने के लिए प्रयाग भेजा गया। मामला 12 जुलाई का है। एक कार्यक्रम के सिलसिले में क्षेत्र पहुंची महिला विधायक कार्यकर्ताओं के कहने पर दर्शन के लिए मंदिर चली गई थीं।

सूचना के मुताबिक, जनपद मुख्यालय से 80 किमी दूर राठ के मुस्करा खुर्द गांव में महाभारत काल का धूम्र ऋषि का आश्रम है। यहां उनकी प्रतिमा लगी है। इसमें महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। कोई भी महिला हो वह बाहर से ही दर्शन करती है, लेकिन 12 जुलाई को पहुंची बीजेपी विधायक मनीषा अनुरागी ने न सिर्फ मंदिर के दर्शन किए बल्कि उस चबूतरे पर भी चढ़ीं जिस पर ऋषि के तपस्या करने की मान्यता है।

इस बात की जानकारी जब स्थानीय लोगों को हुई तो उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद मूर्तियों को प्रयाग गंगा स्नान के लिए भेजा गया। वहां से मूर्तियां रविवार को लौटीं और उन्हें मंदिर में स्थापित किया गया। इस अवसर पर भंडारा भी किया गया। भंडारे के बाद यह पूरी घटना सामने आई।

महिला विधायक बोलीं- मुझे मान्यता का नहीं था पता: मनीषा अनुरागी ने कहा, मुझे मान्यता के बारे में पता नहीं था। मेरे साथ गए एक कार्यकर्ता ने मुझे प्राचीन मंदिर के बारे में बताया तो मैं वहां दर्शन करने के लिए चली गई थी। मेरे जाने के बाद मंदिर को गंगाजल से धुलवाकर पवित्र किया गया, यह भी मुझे मालूम नहीं है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर फैलती अफवाहों के चलते हो रही मौतों पर गंभीर रुख अपनाया है. सरकार ने फेसबुक की कंपनी व्हाट्सऐप के मैसेंजिंग ऐप को चेतावनी दी है. सरकार ने व्हाट्सऐप और कई अन्य मैसेंजिंग ऐप को निर्देश देते हुए कहा है कि उनके जरिए फैल रही फर्जी खबरों, वीडियो और तस्वीरों पर वे लगाम लगाएं. महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ माह में अफवाहों के चलते 20 से ज्यादा लोगों की हत्या के मामले के बाद केंद्र ने यह चेतावनी जारी की है.

केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि व्हॉट्सऐप उसके मंच से फैलाई जा रही ऐसी अफवाहों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए. ऐसी अफवाहें फैलती हैं तो व्हॉट्सऐप या अन्य सोशल साइट अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से नहीं बच सकते हैं. आईटी विभाग ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि सभी सोशल मीडिया नेटवर्क यह सुनिश्चित करें कि किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधिओं में उनके मंच का इस्तेमाल ना हो. हालांकि पुलिस प्रशासन भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रही है. इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोंगो को चेतावनी भेजी जा रही है.

विभाग ने कहा कि निर्दोष लोगों को भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डालने की घटनाओं को हमने संज्ञान में लिया है. व्हाट्सएप की मदद से बड़ी संख्या में अफवाह फैलाने और लोगों को भड़काने वाले मैसेज फैलाए जा रहे हैं. मालूम हो कि पिछले कुछ महीनों में बच्चों को चोरी करने जैसे फर्जी वीडियो तमाम सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं. जिसके बाद कई जगह हिंसा हो चुकी है और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

सरकार ने फर्जी खबरों और वीडियो को रोकने के लिए फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाने का फैसला किया है. गृह मंत्रालय एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि जल्द ही इन प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक होगी, जिसमें अफवाहों के चलते हो रही हत्याओं का मुद्दा उठाया जाएगा और इन अफवाओं को रोकने के तरीको पर विचार किया जाएगा.

इससे पहले गत 16 जून को गृह सचिव राजीव गाबा की अगुआई में एक मंत्रालयी बैठक के दौरान सोशल मीडिया पर फैलती अफवाहों से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई थी. आतंकियों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल और इस पर अश्लील सामग्री को रोकने पर भी विचार हुआ था. व्हाट्सएप ने इससे पहले कहा था कि वह यूजर को फर्जी खबरें या वीडियो न भेजने को लेकर जागरूक करता रहता है. फारवर्ड मैसेज को बिना सोचे समझे आगे बढ़ाने से रोकने के लिए भी जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं.

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर इन दिनों सब कुछ सही नहीं चल रहा है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से सुखपाल सिंह खैरा को हटाने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ है। खास बात यह है कि अब तो खैरा सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व को ही चुनौती देने पर आमाद हो गए हैं। 

बता दें कि कल पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खैरा की जगह हरपाल सिंह चीमा को विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त करने का ऐलान किया था। पद से हटाने से पहले खैरा ने प्रदेश सह अध्यक्ष बलबीर सिंह पर विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। हालांकि बलबीर सिंह ने इस तरह के आरोपों का खंडन किया था।
इससे पहले खैरा पर पार्टी कार्यकर्ताओं से पैसे लेने के आरोप लगे थे। उस दौरान खैरा ने अपनी सफाई में कहा था कि बलबीर ने यह मामला पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने उठाया, जो बेहद दुखद था। उन्होंने कहा था, 'मैं पार्टी कार्यकर्ताओं को इस वाकए के बारे में बताना चाहता हूं। मेरे खिलाफ साजिश चल रही है। मुझे बताया गया है कि वे मुझे विपक्ष के नेता के पद से हटाना चाहते हैं। वे दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व को भी गुमराह कर रहे हैं।'
खैरा ने आज बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बगावती होने के संकेत दे दिए। उन्होंने कहा कि जो पार्टी कार्यकर्ता और नेता यहां मेरे साथ मौजूद हैं, पार्टी नेतृत्व से फिर से अपने फैसले पर विचार करने की अपील करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से हटाने से निराश नहीं हैं।
उन्होंने कहा, 'अगर मुझे फिर से काम करने का मौका मिलता है तो उसी एजेंडे को आगे ले जाऊंगा, जो पंजाब के हित रहा है। मैं उन लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मेरा साथ दिया और उन्हें बताना चाहता हूं कि यह वक्त और मजबूत होने का है।